Friday, September 2, 2022

raah चुनी

इक राह चुनी है मैंने
पथरीली, काँटों भरा 
रास्ता काट
मैंने इक जहाँ बसाया है।

थोड़ा जलना, थोड़ा चलना
थोड़ी हिम्मत, थोड़ी किस्मत
पर ख़ुद पे यकीन
यही जीवन ने सिखाया है।

है वक़्त के हाथों में उत्तर
छल जीतेगा या सरल होना
सब सच है या
केवल सब माया है
BY the way

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